समझाओ!
शब्द बोले बिना उसे समझाओ। एक फ़ोन, सबके हाथों में घूमता हुआ।
समझाओ! दोस्तों और परिवार के साथ खेलने वाला शब्दों का पार्टी गेम है। एक खिलाड़ी शब्द को बोले बिना समझाता है और उसकी टीम अंदाज़ा लगाती है। बस एक फ़ोन चाहिए, जो बारी-बारी सबके हाथ में जाता है।
हर बारी में घड़ी चलती है और समझाने वाला जितने हो सकें उतने शब्द बुझवाता है। सही जवाब पर ऊपर स्वाइप करें, अटकें तो नीचे। समय ख़त्म होने पर आख़िरी शब्द आता है, जिसे चाहें तो कोई भी टीम झपट सकती है।
बारी के बाद एक स्क्रीन पर सारे शब्द दिखते हैं, ताकि ग़लती से दबे बटन ठीक हो सकें। आप अपने शब्द भी जोड़ सकते हैं, कोई शब्द दोबारा नहीं आता, और खेल इंटरनेट के बिना भी चलता है। यह 50 भाषाओं में उपलब्ध है।
कैसे खेलें
टीमें बना लें। हर बारी में एक खिलाड़ी फ़ोन लेता है और समय ख़त्म होने से पहले अपनी टीम को जितने हो सकें उतने शब्द समझाता है।
मना है: शब्द बोलना, उसका कोई हिस्सा या उसी जड़ से बना शब्द बोलना, उसका किसी दूसरी भाषा में अनुवाद करना, या कमरे में किसी चीज़ की तरफ़ इशारा करना।
चलेगा: समानार्थी शब्द, उल्टे शब्द, “इससे तुक मिलता है”, क़िस्से-कहानियाँ और हाथ के इशारे।
बूझ लिया? बूझ लिया! दबाएँ या ऊपर स्वाइप करें। अटक गए? छोड़ो दबाएँ या नीचे स्वाइप करें। घड़ी रुकते ही एक आख़िरी शब्द मिलता है, फिर सार वाली स्क्रीन आती है जहाँ ग़लती से दबे बटन ठीक किए जा सकते हैं।
जब सभी टीमों की बराबर बारियाँ हो जाएँ, तो लक्ष्य पार करने वाली पहली टीम जीतती है।